जन सुरक्षा कानून को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में उबाल
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है और इस बार बहस का केंद्र बना है राज्य सरकार द्वारा लाया गया नया जन सुरक्षा कानून। इस कानून को लेकर विपक्षी दलों ने पहले ही विरोध के स्वर बुलंद किए हैं, और अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे भी खुलकर मैदान में उतर आए हैं। ठाकरे ने इस कानून के विरोध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सीधी चुनौती देते हुए कहा, “दम है तो मुझे और मेरे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके दिखाओ!” राज ठाकरे ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के जरिए विरोध की आवाज़ को दबाना चाहती है। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार एक ऐसा कानून लेकर आई है, जिसके मुताबिक अगर आप किसी विकास परियोजना का विरोध करते हैं, तो आपको अर्बन नक्सल करार देकर गिरफ्तार किया जा सकता है। यह कानून मराठी जनता की आवाज़ कुचलने के लिए लाया गया है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “मराठी लोगों की कब्र पर उद्योग नहीं लगाए जाएंगे। अगर उद्योग लाने हैं तो मराठी मानुष का सम्मान बनाए रखकर ही लाने होंगे, वरना हम उन्हें आने नहीं देंगे।”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस चुनौती का जवाब अपने ही अंदाज़ में दिया। उन्होंने कहा, “हमें किसे गिरफ़्तार करना है, यह हमें तय करने दीजिए। यह कानून किसी खास व्यक्ति के लिए नहीं बना है। लेकिन अगर कोई अर्बन नक्सली जैसा व्यवहार करता है, तो फिर कानून अपना काम करेगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून सरकार की आलोचना या शांतिपूर्ण आंदोलनों के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन लोगों के खिलाफ है जो संविधान और कानून के खिलाफ साजिश करते हैं।




