करोड़ों रुपए खर्च, बावजूद शहर में जगह-जगह गंदगी का आलम
शहर में साफ-सफाई के लिए महानगर पालिका द्वारा सालाना करोड़ों रुपए खर्च किये जाते हैं। फिर भी अनेक वाडों में गलियों में कूड़े के ढेर, जगह- जगह गंदगी का साम्राज्य, बजबजाती नालियां नजर आ रही हैं। शहर के महाकाली वार्ड में तो ट्रांसफार्मर के पास तो काफी समय से कूड़ा कचरा पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में स्वच्छ भारत अभियान शुरू कर शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों की तस्वीर भी बदलने की शुरुआत कर दी है। हालांकि, चंद्रपुर में कुछ अनदेखी की जा रही है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद, शहर में स्वच्छता का अभाव है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, नालियों की ठीक से सफाई नहीं होती है, नालियां हमेशा जाम रहती है, ऐसे में शहर में जगह-जगह असहनीय बदबू फैलने की तस्वीर सामने आ रही है और एक बार फिर कोरोना फैल रहा है कोरोना के बावजूद प्रशासन लगातार इसे नजरअंदाज कर रहा है। महानगर पालिका के चुनाव न होने से वर्तमान समय पर प्रशासक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वार्ड के निवर्तमान पार्षद साफ-सफाई की ओर विशेष ध्यान नहीं देते। इस कारण शहर के अनेक वाड़ों में गंदगी फैली है। इस प्रकार फेंका गया कचरा घंटागाड़ी की सहायता से महिलाएं उठाती है। शहर के क्षेत्रफल को देखते हुए सफाई कर्मचारियों की संख्या कम होने से उन्हें सफाई करते करते सुबह से दोपहर तक हो जाती है। जिन सड़कों की सफाई सुबह होनी चाहिए कभी-कभी तो महिलाएं दोपहर 1.30 बजे करती दिखाई देती है।
टैक्स जमा करने के बावजूद यदि नागरिकों को सुविधाएं न दी जाए तो इसे क्या कहा जाएगा।



