31 दिसंबर, 2023 की रात को बौद्ध-घृणा करने वाले समाज द्वारा ऐतिहासिक विज्जासन बुध्य लेनी के शीर्ष पर स्थित तथागत भगवान बुद्ध की मूर्ति को तोड़ दिया गया और अपमानित किया गया। बौद्ध समाज के लोग 1 जनवरी 2024 को भीमा-कोरेगांव शौर्य दिवस मनाने के लिए तैयार हुए थे, इस प्रकरण की जानकारी मिलते ही बौद्ध समुदाय के लोग घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े. जैसे ही समुदाय के लोग मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि पहले से पहुंचे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बुद्ध लेनी क्षेत्र में रहने वाले बौद्ध भिक्षुओं को बुलाए बिना ही मूर्ति को बैनर से बांध दिया था और कपड़े से ढक दिया था. जो कुछ हुआ उसे देखकर ऐतिहासिक बुद्ध लेनी क्षेत्र में जुटे हजारों आंबेडकरी-बौद्ध अनुयायियों की भावनाएं आहत हुईं और समाज में गुस्से की लहर फैल गई. तुरंत ही सभी आंबेडकरी-बौद्ध भाइयों ने विरोध मार्च निकालकर घटना की कड़ी निंदा की और अपना गुस्सा जाहिर किया. जन-आक्रोश मोर्चा के माध्यम से भद्रावती क्षेत्र के बौद्ध बंधुओं ने भद्रावती तहसीलदार के समक्ष अपनी मांग रखी. परंतु उनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करने पर उन्होंने आज चंद्रपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस लेते हुए, घटना स्थल के आरोपियों की जांच कर उन्हे जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। अन्यथा 8 दिन बाद बड़े आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है।



