महाराष्ट्र में पहले किसान आत्महत्या कर रहे थे, अब सरकार की नीतियों ने छोटे ठेकेदारों को भी आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया है? चंद्रपुर के विधायक और पूर्व मंत्री विजय वडेट्टीवार ने आज विधानसभा में सरकार पर जोरदार प्रहार करते हुए यह गंभीर आरोप लगाया। वडेट्टीवार ने कहा, “पहले किसान आत्महत्या करते थे, लेकिन अब इस सरकार ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि छोटे ठेकेदार भी आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं। बड़े ठेकेदारों के लिए रेड कार्पेट बिछाई जाती है, जबकि छोटे ठेकेदारों के बिल सालों से अटके हुए हैं। क्या यही सरकार का न्याय है?”

उन्होंने आगे कहा कि कुछ ‘चहेते ठेकेदारों’ को चुनकर उन्हें ही प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि ईमानदारी से काम करने वाले छोटे ठेकेदारों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसका नतीजा यह है कि कई छोटे ठेकेदार गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं और कर्ज में डूबते जा रहे हैं। वडेट्टीवार ने यह भी कहा कि राज्य के खजाने में अब खड़खड़ाहट सुनाई दे रही है और वित्तीय अनुशासन पूरी तरह से चरमरा गया है। “सरकार इस सच्चाई को स्वीकार करेगी या हमेशा की तरह इनकार करती रहेगी?” यह तीखा सवाल उन्होंने वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री से पूछा। वडेट्टीवार के इस बयान से विधानसभा में हड़कंप मच गया है और अब सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। छोटे ठेकेदारों की परेशानियों और बकाया बिलों के मुद्दे पर आने वाले दिनों में सरकार की कड़ी परीक्षा होने वाली है, इसमें कोई शक नहीं।



