आगामी समय में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती होगा। इसके मद्देनजर साइबर यूनिट को अधिक सक्षम बनाने के लिए नए कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर साइबर पुलिस थाने को दिए जाएंगे। साइबर अपराध का पर्दाफाश करने के लिए अधिकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा मादक पदार्थ की तस्करी में लिप्त श्रृंखला को तोड़ने और पैडलरों पर अंकुश लगाने के लिए एनडीपीएस यूनिट को भी अधिक मजबूत कैसे किया जा सकता है, इसका प्रयास शुरू है। रात में भयमुक्त वातावरण तैयार करने का प्रयास शुरू है। उन्होंने साफ कहा कि, थाने में जाने वाले पीड़ित महिला, वरिष्ठ नागरिकों या अन्य पीड़ितों की शिकायत नहीं लेने और समस्या नहीं सुनने पर पुलिस निरीक्षक पर कार्रवाई होगी। यह जानकारी मंगलवार को पुलिस आयुक्त डॉ. रवींद्रकुमार सिंघल ने पत्रकारों को दी। सिविल लाइंस स्थित प्रेस क्लब में आयोजित ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में वे बोल रहे थे। प्रेस क्लब के पदाधिकारी डॉ. शिरीष बोरकर, प्रदीप मैत्रे व अन्य उपस्थित थे।
भकिय में क्राइम कैपिटल के बजाय स्मार्ट सिटी के रूप में नागपुर की पहचान होगी। इसके लिए प्रयास शुरू है। उन्होंने कहा कि, मुझे आयुक्त का पदभार संभाले हुए एक माह हुआ है। इस कालावधि में हत्या का प्रमाण बढ़ा है। अधिकांश हत्या की घटनाएं मामूली विवाद के चलते हुई हैं। कोई ठोस कारण नहीं था, दोस्त ने ही दोस्त को मारा और उसे अस्पताल भी ले गया। दो गुटों में भिड़ंत नहीं हुई और न ही कोई गैंगवार में हत्या की गई। हत्या क्यों होती है? इसकी जड़ में जाकर उस दृष्टिकोण से काम करेंगे। इसके लिए मानसिक उपचार विशेषज्ञ, सामाजिक संगठनों की मदद लेकर जागरूकता लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि, हत्या की खबर को जैसे प्रेजेंट करते हैं, वैसी ही पाठक वर्ग संबंधित शहर की छवि तैयार करता है।



