खूनी चौक के रूप में मशहूर चंद्रपुर के पुराना वरोरा नाका पर आज तक दर्जनों जान गई है और सैकड़ो की संख्या में दुर्घटना होकर लोग गंभीर जख्मी हुए हैं। जब जब यहां दुर्घटना का प्रमाण बढ़ता है तब तब चंद्रपुर प्रशासन और संबंधित विभाग यहां पर छोटी-मोटी योजना या दुरुस्ती करके अपना पल्लू झाड़ लेते हैं। इसी के चलते यह पूरा चौक और यहां पर बना हुआ उडानपुल तकनीकी रूप से पूरी तरह गलत बना हुआ है जिस वजह से यहां पर आप भी थोड़ी-थोड़ी समय में बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती है।

किसी बेजवाबदार अधिकारी ने ऐसे ही दुरुस्ती के नाम पर शहर की ओर जाने वाले तथा बाईपास की ओर जाने वाले रास्ते को विभाजित करने के लिए नागपुर रोड से आते वक्त पटेल के घर के सामने 2 फीट ऊंचा और करीब 50 फीट लंबा कांक्रीट का डिवाइडर बना दिया है जो की एक ना समझ और तकनीकी तौर पर पूरी तरह गलत है जिस वजह से इस जगह पर पिछले साल भर में रात के समय आने वाले हैवी लोडेड ट्रक इससे टकराकर पलटी खा गए हैं। अब तक 10 से अधिक ट्रैकों के साथ यह हादसा हो चुका है मगर क्या पुलिस प्रशासन क्या जिला प्रशासन क्या महानगर प्रशासन और क्या सार्वजनिक बांधकाम विभाग सभी हर हादसे के बाद इस डिवाइडर को फिर से पेंट करके वैसे ही छोड़ देते हैं अब तो यह हद हो गई है कि पिछले कुछ दुर्घटनाओं के बाद उन्होंने इस डिवाइडर को पेंट करना भी छोड़ दिया है।
और एक दुर्भाग्य की बात यह है कि इसी रास्ते से चंद्रपुर के सन्माननीय जिलाधिकारी तथा कई उच्च स्तरीय अधिकारी रोज आना-जाना करते हैं उसके बावजूद समाचार माध्यमों के द्वारा बार-बार यह न्यूज़ दिखाकर भी स्थानक नागरिक तथा समाज सेवको द्वारा आंदोलन की चेतावनी देने के बावजूद किसी भी अधिकारी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा और दुर्घटना का यह सिलसिला अविरत शुरू है। हमने पिछले बार भी यहां की दुर्घटना पर बताया था कि किसी की जान जाने के बाद ही शायद प्रशासन की नींद खुलेगी।
आश्चर्य की बात यह है कि कुछ राजनीतिक पार्टियों द्वारा इस समस्या पर बार-बार निवेदन देने के बाद यहां पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं मगर पिछले 2 महीने से यह ट्रैफिक सिग्नल लगने के बावजूद शुरू नहीं किए गए हैं यह निश्चित ही एक शर्मनाक बात है और सबसे व्यस्त तथा दुर्घटनाग्रस्त चौक होने के बावजूद यहां पर आज तक ट्रैफिक पुलिस का इंतजाम नहीं किया गया है।
यहां पर यह डिवाइडर होना ही नहीं और यातायात विभाजित करने के लिए केवल लाइट रिफ्लेक्टर और रेडियम द्वारा यह किया जाना चाहिए ऐसी मांग स्थानिक नागरिकों ने की है।
देखना यह है कि क्या अभी प्रशासन और संबंधित विभाग बेशर्मों की तरह कुंभकरण की नींद सो कर रहता है या इस चौक पर दुर्घटना से बचने के लिए कोई उचित उपाय किए जाते हैं l



