आज चंद्रपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस लेते हुए जनविकास सेना के संस्थापक अध्यक्ष पप्पू देशमुख ने बड़ा सवाल उठाया है। जिसमें उनका कहना है कि, नई भूमिगत सीवरेज योजना के लिए 450 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है, जबकि 100 करोड़ रुपये की भूमिगत सीवरेज योजना पूरी हो चुकी है. जिसे सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया। लेकिन टेंडर प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि, हमारी शिकायत के बाद फव्वारा कार्य, जलापूर्ति के निजीकरण और रमाला झील के सौंदर्यीकरण का 24 करोड़ रुपये का टेंडर, जो लोकसभा की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर दिया गया था, उसे रद्द कर दिया गया, लेकिन दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. चंद्रपुर शहर नगर निगम में हमने जो कई घोटाले उजागर किए हैं, उन्हें सील करने के बाद भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? क्या सोयी हुई है जिला प्रशासन या सरकार? ये हमारा सवाल है. कोई भी जन प्रतिनिधि नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ विधानसभा या लोकसभा में केन्द्र सरकार की अमृत योजना घोटाले को पढ़कर आवाज क्यों नहीं उठा रहा है? सरकार नगर निगम के खजाने पर कार्रवाई करने को मजबूर क्यों नहीं होती? ये भी गंभीर सवाल हैं.
उन्होंने बताया कि, चंद्रपुर शहर की दुर्दशा के लिए नगरपालिका प्रशासन के ‘आका’ और इन ‘आकाओं’ को संरक्षण देने वाले सरकार के मंत्री, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और जिले के जन प्रतिनिधि जिम्मेदार हैं। ये आकाओं के आका’ है. यह न केवल ‘आकाओं’ को नजरअंदाज करते है बल्कि यह भी सुनिश्चित करते है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। जन विकास सेना नगर निगम प्रशासन में इन ‘आका’ और इन्हें संरक्षण देने वाले आका के ‘आका’ के खिलाफ ‘जन संघर्ष अभियान’ चला रही है. आज आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व नगर निगम पार्षद एवं जन विकास सेना के संस्थापक अध्यक्ष पप्पू देशमुख ने बताया कि यह अभियान कल बुधवार 12 फरवरी 2025 से प्रारंभ किया जायेगा. जिसकी अधिक जानकारी उन्होंने अपने बयान में दिया है, तो आइए जानते है उन्होंने क्या कुछ कहा…….



