*आखिरकार जिले में नाम वापसी की तिथि समाप्त होने के साथ लड़ाई अब स्पष्ट और रंगतदार हो चुकी है*

सबसे पहले अगर बात करे सबसे चर्चित 71 नंबर की चंद्रपुर विधानसभा के बारे में जिसमें से केवल प्रियदर्शन इंगले इनका नामांकन वापस हुआ है। इसका मतलब भाजपा के उम्मीदवार किशोर जोर्गेवार के सामने उन्हीं के पार्टी के अब बगावती बने बिरजू पाज़ारें, और कांग्रेस के प्रवीण पड़वेकर के सामने उन्हीं के पार्टी के बगावती बने राजू झोड़े का चुनौती पूर्ण सामना होगा। इसके बाद अगर बात करे दूसरे चर्चित विधानसभा के बारे में यानी 72 नंबर की बल्लारपुर विधानसभा जिसमें से आज ओंकार चव्हाण, डॉ. राकेश गांवतुरे, अनीता गांवतुरे, सत्यपाल काटकर, संजय घाटे, नरेंद्र सोनारकर और संदीप गिन्हे ने अपने अपने फॉर्म वापिस लिए। इसका अर्थ अब बल्लारपुर में सुधीर मुनगंटीवार के सामने कांग्रेस के संतोष रावत का सीधा मुकाबला होगा मगर इसमें डॉ. अभिलाषा गांवतुरे ट्विस्ट ला सकती है क्योंकि उन्होंने अपना परचा वापस नहीं लिया इसलिए यहां पर कांग्रेस की बंडखोरी जारी रहेगी।

इसके बाद अगर बात करे राजुरा विधानसभा के बारे में जहां पर 70 नंबर की इस विधानसभा की, जिसमें से भाजपा के पूर्व विधायक सुदर्शन निमकर, पूर्व विभागीय विधायक संजय धोते और रेशमा चौहान ने अपने अपने फॉर्म वापिस लिए, इसका मतलब देवराव भोंगले के लिए बड़खोरी का आवाहन समाप्त हुआ और अब यह तिरंगी लड़ाई सुभाष धोटे, वामनराव चटप और देवराव भोंगले के बीच राजुरा में देखने मिल सकती है जिसमें जोरदार सामना हो सकता है। उसी तरह से अगर बात करे चिमूर विधान सभा की तो यहां पर हेमंत उरकुडे, योगेश वनडे, धनराज मुंगडे और प्रकाश नाने इन्होंने अपने पर्चे वापिस लिए और अब सीधी लढ़त भाजपा और कांग्रेस के बीच यानी बंटी बांगड़िया और सतीश वार्जुरकर के बीच नजर आ रही है।
इस तरह ब्रह्मपुरी में कांग्रेस के विजय वडेट्टीवार और भाजपा के सहारे के बीच सीधा मुकाबला होगा। वही बात करें वरोरा की तो वरोरा में रमेश राजूरकर का फॉर्म वापस हो गया मगर अब यह लड़ाई चौतरफा हो सकती है जिसमें कांग्रेस के प्रवीण काकडे भाजपा के करण संजय देवतले वंचित के अनिल धानोरकर और शिवसेना के बागी उम्मीदवार मुकेश जीवतोडे के बीच हो सकती है।



