महाराष्ट्र में मुफ्त की रेवड़ियों का असर अब सरकारी तिजोरी पर भी पड़ने लगा है। सरकार की तिजोरी खाली होने की वजह से अब सरकारी प्रोजेक्ट का काम बाधित होने के आसार दिखाई दे रहे हैं। सरकार ने राज्य में चल रहे सरकारी प्रोजेक्ट के ठेकेदारों का बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है, जिसकी वजह से ठेकेदारों ने काम बंद कर दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार पर ठेकेदारों का कुल 90 हजार करोड़ रुपए का बकाया है। बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया और महाराष्ट्र स्टेट कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने सरकार पर 90 हजार करोड़ रुपए बकाया का भुगतान न करने का आरोप लगाया है। संगठनों की मानें तो बकाया बिल का भुगतान प्रलंबित होने के कारण ठेकेदारों पर दिवालिया होने की तलवार लटक रही है।
एसोसिएशन से जुड़े लोगों की मानें तो सरकारी प्रोजेक्ट की वजह से 25 लाख लोगों को रोजगार मिला है। अगर आगे भी काम बंद रहा, तो 25 लाख लोगों के रोजगार पर इसका असर पड़ेगा। इतना ही नहीं, ठेकेदार बैंकों से कर्ज लेकर काम कर रहे हैं। सरकार द्वारा बकाया राशि का भुगतान न करने की वजह से बैंक की राशि भी नहीं चुकाई जा रही है और उन्हें नोटिस का सामना भी करना पड़ रहा है। MSCA के अध्यक्ष की मानें तो पिछले आठ महीने से बिल पेंडिंग हैं। हमने सरकार को 5 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन सरकार की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है। जिसके बाद मजबूर होकर हमें काम बंद करना पड़ा है। बिल्डर एसोसिएशन की मानें तो अगर बकाया राशि का भुगतान जल्द से जल्द नहीं किया जाएगा, तो हमें कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर विचार किया जाएगा।



