*क्या कोयला व्यापारी भी आयेंगे जांच के दायरे में?*
वेकोलि चंद्रपुर के पास दुर्गापुर ओपनकास्ट कोयला खदान 3 और 4 के तहत 50 टन के इलेक्ट्रॉनिक्स कांटे में चिप लगाकर छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद से जांच की सुई लाभार्थियों पर घूम रही है। इससे WCL को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। मगर जांच में कोयला व्यापारियों को और बाकिओ को भी लाभ पहुंचने की शंका है फिर भी जांच केवल 3 व्यापारियों तक ही सीमित है। इस मामले में वेकोलि के रय्यतवारी खदान के उप क्षेत्रीय प्रबंधक दक्षिणमूर्ति वेदगिरि की शिकायत पर पुलिस ने सिर्फ चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और उन्हे पूछताछ कर छोड़ दिया गया। साथभी इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स कांटा के रखरखाव के लिए जिम्मेदार कंपनी के दो कर्मचारी और वेकोलि के दो कर्मचारी को फिलहाल हिरासत में लेकर पूछताछ करके उन्हे भी छोड़ दिया गया। बिलासपुर स्थित आर.आर. इंजीनियर्स एंड कॅस्टलटंट के वे ब्रीज सर्विस इंजीनियर उमेश शुक्ला, उनके सहायक मुकेश अंद्ररस्कर, डीआरसी चंद्रपुर क्षेत्र के टेलीफोन लाइन मॅन अजितसिंह गौतम तथा लिपिक राजेश यादव को मुख्य आरोपी बताया गया है जो आगे के राज खोलने की उम्मीद पोलिस को है।
16 जुलाई को सीसीटीवी कैमेरे में वे ब्रीज सर्विस इंजीनियर उमेश शुक्ला, उनका सहायक मुकेश अंद्ररस्कर, डीआरसी चंद्रपुर क्षेत्र के टेलिफोन लाइन मॅन अजितसिंग गौतम तथा लिपिक राजेश यादव यह चारों लोग इलेक्ट्रॉनिक वजन के काटे से छोड़छाड़ करते तथा चिप लगाकर वजन कम करते दिखाई दिए। इसीसे को वेकोलि का बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया। वेकोलि के कर्मचारी ने ठेकेदार को फायदा पहुंचाने वजन काटे पर चिप लगाई थी क्या? वेकोलि कर्मचारियों को लालच दिखाया गया था क्या? इसमें और कौन-कौन शामिल है? जैसे विभिन्न सवाल उपस्थित हो रहे है। पुलिस ने विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है जिसमे कई बड़े नाम सामने आने की संभावनाएं बताई जा रही है। साथ ही अगर ऐसा कबाड़ में हो रहा है तो कोयले में भी ऐसा हुआ होगा इसलिए सारे लोग शक के दायरे में आ गए है इसलिए यह प्रश्न पूछा जा रहा है की जांच केवल तीन लोगों तक ही सीमित क्यों है? देखना है पुलिस अगला कदम क्या उठाती है।
*WCL में वजन कांटे में चिप लगाने का मामला, सिर्फ 3 व्यापारी की जांच क्यों?*
*क्या कोयला व्यापारी भी आयेंगे जांच के दायरे में?*
वेकोलि चंद्रपुर के पास दुर्गापुर ओपनकास्ट कोयला खदान 3 और 4 के तहत 50 टन के इलेक्ट्रॉनिक्स कांटे में चिप लगाकर छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद से जांच की सुई लाभार्थियों पर घूम रही है। इससे WCL को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। मगर जांच में कोयला व्यापारियों को और बाकिओ को भी लाभ पहुंचने की शंका है फिर भी जांच केवल 3 व्यापारियों तक ही सीमित है। इस मामले में वेकोलि के रय्यतवारी खदान के उप क्षेत्रीय प्रबंधक दक्षिणमूर्ति वेदगिरि की शिकायत पर पुलिस ने सिर्फ चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और उन्हे पूछताछ कर छोड़ दिया गया। साथभी इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स कांटा के रखरखाव के लिए जिम्मेदार कंपनी के दो कर्मचारी और वेकोलि के दो कर्मचारी को फिलहाल हिरासत में लेकर पूछताछ करके उन्हे भी छोड़ दिया गया। बिलासपुर स्थित आर.आर. इंजीनियर्स एंड कॅस्टलटंट के वे ब्रीज सर्विस इंजीनियर उमेश शुक्ला, उनके सहायक मुकेश अंद्ररस्कर, डीआरसी चंद्रपुर क्षेत्र के टेलीफोन लाइन मॅन अजितसिंह गौतम तथा लिपिक राजेश यादव को मुख्य आरोपी बताया गया है जो आगे के राज खोलने की उम्मीद पोलिस को है।
16 जुलाई को सीसीटीवी कैमेरे में वे ब्रीज सर्विस इंजीनियर उमेश शुक्ला, उनका सहायक मुकेश अंद्ररस्कर, डीआरसी चंद्रपुर क्षेत्र के टेलिफोन लाइन मॅन अजितसिंग गौतम तथा लिपिक राजेश यादव यह चारों लोग इलेक्ट्रॉनिक वजन के काटे से छोड़छाड़ करते तथा चिप लगाकर वजन कम करते दिखाई दिए। इसीसे को वेकोलि का बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया। वेकोलि के कर्मचारी ने ठेकेदार को फायदा पहुंचाने वजन काटे पर चिप लगाई थी क्या? वेकोलि कर्मचारियों को लालच दिखाया गया था क्या? इसमें और कौन-कौन शामिल है? जैसे विभिन्न सवाल उपस्थित हो रहे है। पुलिस ने विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है जिसमे कई बड़े नाम सामने आने की संभावनाएं बताई जा रही है। साथ ही अगर ऐसा कबाड़ में हो रहा है तो कोयले में भी ऐसा हुआ होगा इसलिए सारे लोग शक के दायरे में आ गए है इसलिए यह प्रश्न पूछा जा रहा है की जांच केवल तीन लोगों तक ही सीमित क्यों है? देखना है पुलिस अगला कदम क्या उठाती है।



