बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने एनडीसीसी बैंक घोटाले में दोषी करार कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सुनील केदार की सजा को निलंबित करते हुए जमानत अर्जी मंजूर की। न्या. उर्मिला जोशी- फलके ने यह फैसला दिया। केदार को 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी गई। कोर्ट के आदेशानुसार, सुनील केदार को हर महीने के 1 तारीख को सत्र न्यायालय में हाजिर होना होगा।
एनडीसीसी बैंक के 170 करोड़ रुपए घोटाले के मामले में अतिरिक्त मुख्य न्याय दंडाधिकारी ने 22 दिसंबर को बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष सुनील केदार, बैंक के तत्कालीन महाप्रबंधक अशोक चौधरी, रोखे दलाल केतन सेठ, अमित वर्मा, सुबोध भंडारी और नंदकिशोर त्रिवेदी को दोषी करार देते हुए 5 साल की सजा और साढ़े बारा लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। इस फैसले को सत्र न्यायालय में चुनौती देते हुए केदार सहित अन्य आरोपियों ने सजा का निलंबन और जमानत की मांग की थी। सत्र न्यायाधीश आर. एस. पाटील ने केदार की जमानत अर्जी नामंजूर की थी। इसलिए केदार ने हाई कोर्ट में सजा निलंबन और जमानत के लिए अर्जी दायर की थी। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए 6 जनवरी तक जवाब दायर करने के आदेश दिए थे। मंगलवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने सभी का पक्ष सुनकर सुनील केदार की जमानत अर्जी मंजूर की। जिसके बाद सुनील केदार के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाते हुए, उनपर लगे आरोपों का खण्डन किया, और बड़ा बयान भी दिया है की इन पर झूठे आरोप लगाके फसाया गया है और वो निर्दोष साबित होंगे।



