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चंद्रपुर अब अपने राजनीतिक शक्ति और दबाव के लिए भी मशहूर हो चुका है। क्योंकि यहां से चुनकर आए हुए विधायक या सांसद सीधे बड़े मंत्री पद पर जाते हैं और जो नहीं जा पाए वह भी अपना जलवा बिखेरने में कम नहीं पड़ते। इस वजह से कई बार एक ही सत्ता को समर्पित होने के बावजूद कई नेताओं में आम जनता के सामने बड़े विवाद खड़े हो जाते हैं।
एक समय जहां मंत्री मुनगंटीवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर के बीच का विवाद सरेआम हो चुका था तो लगा कि अब जिले में मुनगंटीवार को कोई चुनौती नहीं होगी। मगर चंद्रपुर विधानसभा से अपक्ष रूप से चुनकर आए विधायक किशोर जोर्गेवार उनका नया सर दर्द बनकर उभरे है और समय-समय पर जगह-जगह मनगंटीवार के एक छतरी साम्राज्य को चुनौती देते नजर आते हैं। कुछ ही दिनों पहले सांस्कृतिक विभाग की ओर से मंत्री मुनगंटीवार के नेतृत्व में चांदा क्लब ग्राउंड पर जानता राजा महानाट्य का आयोजन किया गया था। चुकी यह कार्यक्रम सरकारी था वहां पर स्थानिक विधायक होने के नाते किशोर जोर्गेवार ने अपना भव्य स्वागत गेट लगा दिया जिससे भाजपा और यंग चांदा ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं में बहसबाजी और झड़प हो गई। तब से अब तक यह सिलसिला जारी है और विधायक जोर्गेवार इस स्वागत गेट पर बैनर बदल बदल कर अपने बैनर लगा रहे हैं। जो की भाजपा तथा मंत्री मुनगंटीवार के लिए एक प्रकार से सर दर्द हो गया है क्योंकि उनके द्वारा आयोजित सभी प्रोग्राम चांदा क्लब पर ही आयोजित हो रहे हैं और जोर्गेवार का यह बैनर गेट इस स्थान के सामने लगा हुआ है। जिससे उनको बैठे बिठाये मुफ्त की प्रसिद्धि मिल रही है और यह उनके द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं के जख्म पर नमक मलने जैसा हो रहा है। आज भी ताडोबा महोत्सव में यही नजारा देखने मिला है। कार्यक्रम मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के नेतृत्व में हो रहा है मगर वहां उनका छोटा स्वागत गेट लगा है और विधायक किशोर जोरगेवार का बड़ा स्वागत गेट लगा है। देखना है की क्या इससे कोई और नया विवाद पैदा होता है?



