आशा वर्कर व गट प्रवर्तकों ने रविवार को विविध मांगों को लेकर संविधान चौक में धरना प्रदर्शन किया। आशा व गट प्रवर्तक कर्मचारी यूनियन के केंद्रीय उपाध्यक्ष डॉ. डी. एल. कराड प्रमुखता से उपस्थित थे। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में आशा वर्कर व गट प्रवर्तक उपस्थित थे। धरना प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री को विविध मांगों का एक पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से दिया गया। पत्र में आशा वर्कर व गटप्रवर्तकों की विविध समस्याओं से अवगत कराया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान अंतर्गत विविध कार्यक्रम के माध्यम से आशा वर्कर जनता को स्वस्थ रखने में भूमिका निभाती हैं। उनके कार्यों की दखल लेते हुए उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग पत्र में की गई है। आशा वर्करों की अन्य मांगों में आशा वर्करों व गट प्रवर्तकों की सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें ग्रेच्युटी के रूप में 10 हजार रु महीना पेंशन व एक मुश्त 5 लाख रु देने की मांग की गई है। धरना प्रदर्शन में सीआईटीयू के अध्यक्ष राजेंद्र साठे, प्रीति मेश्राम, रंजना पौनीकर समेत सैकड़ों आशा वर्कर व गट प्रवर्तक उपस्थित थे।



