चंद्रपुर से मूल की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग की जर्जर हालत और जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढों को लेकर पूर्व पालकमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने जोरदार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदारों (कॉन्ट्रैक्टर्स) की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे सड़क पर गड्ढे न होने दें, और यदि सरकार उन्हें पांच साल तक का भुगतान करती है, तो उतनी ही अवधि तक वे सड़क की मरम्मत सुनिश्चित करें।
मुनगंटीवार ने तीखे लहजे में कहा, “कॉन्ट्रैक्टर्स को पैसे तो समय पर मिलते हैं, लेकिन उनकी मरम्मत की जिम्मेदारी कहीं गायब हो जाती है। चंद्रपुर से मूल तक का रास्ता इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। पांच साल तक सड़क मरम्मत के नाम पर केवल लापरवाही की जाती है।” उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार को ऐसे BOT Build Operate Transfer कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए सख्त नियम लागू करने चाहिए। यदि उनकी लापरवाही से बने गड्ढों के कारण किसी व्यक्ति की जान जाती है, तो उन्हें कम से कम ₹50 लाख का त्वरित मुआवजा देना चाहिए और ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। पूर्व पालकमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब मानसून के कारण सड़कें और भी बदहाल हो चुकी हैं और नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार मुनगंटीवार की इस सख्त मांग पर क्या रुख अपनाती है और क्या वाकई ठेकेदारों की जवाबदेही तय हो पाएगी।




