गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ओबीसी समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में ओबीसी समाज की कई मांगों को सरकार ने गंभीरता से लिया और पूरा करने की दिशा में ठोस प्रयास किए हैं। “आज यहां 76 नई मांगें रखी गई हैं, जिनमें से 24 मांगें केंद्र सरकार से संबंधित हैं, जिन्हें हम केंद्र को भेजेंगे। 25-26 मांगें महाराष्ट्र सरकार से जुड़ी हैं, जिन पर हम कार्य करेंगे,” ऐसा फडणवीस ने स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, ओबीसी समाज के हित के लिए काम करना वह कभी नहीं छोड़ेंगे।
फडणवीस ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओबीसी समाज को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। “आज देश के मंत्रिमंडल में सबसे अधिक ओबीसी मंत्री हैं और यह संभव हुआ है प्रधानमंत्री मोदी की सोच के कारण। जब मैंने ओबीसी समाज के अधिकारों की बात की, तो मेरी आलोचना हुई, मुझे निशाना बनाया गया, लेकिन फिर भी मैं डटा रहा,” उन्होंने भावुक स्वर में कहा। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी एक समाज के लिए आवाज उठाने का मतलब यह नहीं होता कि वह किसी दूसरे समाज के खिलाफ है।मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने ओबीसी समाज के लिए 50 से अधिक अहम फैसले लिए हैं, जिनमें आरक्षण की बहाली एक बड़ी उपलब्धि है। कोर्ट ने भी ओबीसी समाज को 27% आरक्षण देने का ऐतिहासिक फैसला दिया। उन्होंने याद दिलाया कि ओबीसी महासंघ की शुरुआत 2005 में एक छोटी सी जगह से हुई थी और आज वह समाज को मुख्यधारा में लाने का बड़ा कार्य कर रहा है। ओबीसी छात्रों के लिए विदेश शिक्षा की योजना का भी उन्होंने उल्लेख किया, जिससे कई छात्र आज विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं।




