- मालेगांव ब्लास्ट केस में गुरुवार को एनआईए की स्पेशल अदालत ने सभी सातों आरोपियों को बरी कर दिया। अब इस मामले पर रिटायर्ड एटीएस अधिकारी महबूब खान ने बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि तत्कालीन जांच अधिकारी परमबीर सिंह और अन्य वरिष्ठ अफसरों ने उन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को गिरफ्तार करने का दबाव डाला था। इस खुलासे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वोट बैंक बचाने के लिए कांग्रेस ने हिन्दुओं, संघ और उसके स्वयंसेवकों को बदनाम करने की साजिश रची थी। यही नहीं मुख्यमंत्री ने भगवा आतंकवाद पर पृथ्वीराज चौहान को आड़े हाथ लिया।
शुक्रवार को नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मालेगांव मामले के फैसले के बाद, यह बात हमारे ध्यान में आई होगी कि कांग्रेस पार्टी ने हिंदू आतंकवाद या भगवा आतंकवाद जैसा जो नैरेटिव गढ़ा था, वह पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। दरअसल, 1990 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में, दुनिया भर में बड़ी संख्या में आतंकवादी घटनाएँ हुईं। इनमें से कुछ घटनाएँ अमेरिका में और कुछ यूरोप में हुईं। भारत में भी कई आतंकवादी घटनाएँ हुईं। इन सभी घटनाओं के सूत्र पाकिस्तान तक पहुँच रहे थे। वहीं से इस्लामी आतंकवाद की भावना पैदा हुई। दरअसल, यह भावना भारत ने नहीं, बल्कि दुनिया में पैदा की थी। भारत में, इस नैरेटिव का उसके वोट बैंक पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था, और इसी वजह से कांग्रेस चर्चा में आई। दरअसल, किसी ने भी सभी मुसलमानों को आतंकवादी घोषित नहीं किया था। हालाँकि, कांग्रेस पार्टी ने हिंदू आतंकवाद और भगवा आतंकवाद जैसे शब्द गढ़कर सभी हिंदुओं को आतंकवादी घोषित करने की साजिश रची और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, ऐसा देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया है।



