पिछले कुछ दिनों से खिलाड़ियों का मन रक्त रंजित होकर पड़ा था। कारण था चंद्रपुर का एक खूबसूरत मैदान रामबाग मैदान जो अपने क्रिकेट, फुटबॉल और हॉकी के शानदार इतिहास से भरा पड़ा था उसका सिना जेसीबी ने छलनी करके करीब 5000 स्क्वायर फीट में 15 फीट बड़ा गड्ढा खोद दिया था। यहां पर इस निसर्ग से भरे ग्राउंड पर शासन एक और इमारत बनाने के लिए तैयारी कर रहा था।
जैसे ही यह बात पता लगी तो वहां पर खेलने और वॉकिंग करने वाले लोगों ने अपने-अपने तरीके और ताकत अनुसार जनप्रतिनिधि और अधिकारियों से संपर्क करके इसे रोकने की कोशिश की मगर उनकी भावनाओं को दरकिनार करके उन्हें चलता कर दिया गया। बात जब मैदान से बाहर निकलकर शहर में कुछ समाज सेवकों तक पहुंची तो सब आश्चर्यचकित हो गए की कैसे प्रशासन के सुंदर मैदान की हत्या करके यहां पर जिला परिषद के लिए भवन निर्माण कर सकता है। तुरंत में एक रामबाग मैदान बचाओ समिति बनाई गई और समिति के माध्यम से प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर पप्पू देशमुख, राजेश अडूर, मंतोष, उमेश वासलवार, डोडानी और अन्य लोगों ने इसे बचाने के लिए आंदोलन करने की घोषणा की और दो दिन के भीतर महापंचायत का आयोजन करके लोगों को इससे जुड़ने का आवाहन किया गया।
आज सुबह करीब 7:00 बजे रामबाग मैदान पर आयोजित इस महापंचायत में 500 से अधिक लोगों ने सहभागी लिया और किसी भी कीमत पर मैदानो को शहीद नहीं होने देंगे इसका प्रण किया। यहां पर उपस्थित लोगों ने मिलकर कुछ संकल्प पारित किये जिसमें किसी भी परिस्थिति में यहां पर भवन का निर्माण नहीं होने देना, तुरंत में गद्दा भरकर मैदान को पूर्वरत यथा स्थिति में करना, इस मैदान को नियमित तौर पर मैदान आरक्षण श्रेणी में डालना और शासन अगर मांगे नहीं मानता है तो शांति पूर्ण तरीके से त्रिवेंद्रम करना तीव्र आंदोलन करना।
यहीं पर उपस्थित आंदोलन वालों में से एक शिव छत्रपति पुरस्कार प्राप्त तथा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी राजेश नायडू ने भी इस मौके पर ऐलान किया कि शासन अगर यहां पर भवन निर्माण का कार्य रद्द नहीं करता है तो वह अपना छत्रपति पुरस्कार सहसम्मान शासन को फिर लौटा देंगे। उपस्थित लोगों ने उनके इस निर्णय का ताली बजाकर स्वागत किया।
इसके बाद वहां उपस्थित शिवसेना शहर प्रमुख भारत गुप्ता ने जानकारी दी कि इस संदर्भ में पूर्व पालक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार आज जिलाधिकारी को मिलकर चर्चा करने वाले हैं और समिति को भी आमंत्रित किया गया है। इस जानकारी अनुसार सभी आंदोलन समिति वाले 11:30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पर जमा हुए इसके बाद करीब 12:00 बजे पूर्व पालक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार और करीब 12:15 बजे अचानक विधायक किशोर जोर्गेवार वहां पहुंच गए।
इसके बाद वहां पर भाजपा की आंतरिक कलह और दो विधायकों के बीच श्रेय लेने के लिए रस्सी खींच देखने मिला मगर इसका फायदा आंदोलन को ही हुआ।
सुधीर मुनगंटीवार ने जिलाधिकारी के केबिन में बैठकर सूचना दी की काम तुरंत बंद किया जाए और मैदान को खराब ना किया जाए।
वही स्थानिक किशोर जोर्गेवार को पहले मीटिंग हॉल में प्रवेश करने के लिए इंतजार करना पड़ा और उसके बाद जिलाधिकारी से मुलाकात करने के लिए भी काफी समय रुकना पड़ा जिसका गुस्सा उन्होंने जिलाधिकारी के सामने बोलकर दिखाया। उन्होंने यह भी शिकायत की कि आपने पूर्व पालक मंत्री को तुरंत अपॉइंटमेंट दे दी मगर हमें आपने नहीं बुलाया। आगे चेताते हुए जोरगेवार में जिलाधिकारी से इस कार्यालय को राजनीति का केंद्र न बनाएं ऐसी हिदायत भी दी।
इसके बाद जोर्गेवार पप्पू देशमुख और अन्य लोगों का निवेदन सुनने के बाद जिलाधिकारी विनय गौड़ा ने सभी लोगों को आश्वस्त किया कि किसी भी तरह से मैदान को खराब नहीं किया जाएगा और बिल्डिंग निर्माण कहीं और किया जाएगा तथा खुदा हुआ गड्ढा तुरंत में भर दिया जाएगा



