Sunday, April 19, 2026
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“कण-कण में राम”: इंटैक की डॉक्यूमेंट्री का भव्य विमोचन दिल्ली में, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया सांस्कृतिक मूल्यों का अद्भुत संगम चंद्रपूर के अशोक सिंह ठाकूर के नेतृत्व मे इंटेक की अभूतपूर्व पहल

इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म “कण-कण में राम” का विशेष स्क्रीनिंग और विमोचन INTACH के बहुद्देश्यीय हॉल, नई दिल्ली में हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत रहे। डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के बाद अपने संबोधन में शेखावत ने फिल्म को “दृश्यात्मक सौंदर्य और सांस्कृतिक मूल्यों का अनोखा संगम” बताया। उन्होंने कहा कि यह फिल्म न केवल रामायण के पौराणिक स्वरूप को प्रस्तुत करती है, बल्कि उसे जीवंत परंपरा के रूप में दिखाती है, जो भारत की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ी है। उन्होंने INTACH द्वारा पिछले चार दशकों से भारतीय धरोहर के संरक्षण में दिए जा रहे योगदान की सराहना की। अपने पूर्व जल शक्ति मंत्रालय के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने गंगा सांस्कृतिक प्रलेखन परियोजना में इंटैक की भूमिका को भी रेखांकित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता INTACH के चेयरमैन श्री अशोक सिंह ठाकुर ने की, जबकि सदस्य सचिव श्री रवींद्र सिंह (आईएएस, सेवानिवृत्त) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, विद्वान एवं अतिथि उपस्थित रहे। श्री ठाकुर ने कहा कि इंटैक देश के भौतिक, अमूर्त और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ स्कूलों, शिल्पों और प्रकाशनों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। “कण-कण में राम” डॉक्यूमेंट्री भारत में रामायण की विभिन्न कलात्मक प्रस्तुतियों को उजागर करती है – जैसे कर्नाटक का यक्षगान और उप्पिनीकुद्रु कठपुतली नृत्य, ओडिशा की लंका पोड़ी यात्रा और रावण छाया, असम की सत्त्रिया परंपरा, मेवात का भपंग गायन और छत्तीसगढ़ का रामनामी समाज। यह फिल्म संदेश देती है कि ‘कण-कण में राम’ की दिव्यता सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है – यह किसी एक धर्म या पंथ की सीमाओं में नहीं बंधती, बल्कि सामूहिक चेतना से जुड़ी एक सार्वभौमिक भावना है।

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