केवल जनता के हित के सवाल करने पर और भ्रष्ट अधिकारियों को तथा नेताओं को इशारा देने पर बिना कोई गैर कानूनी गतिविधियों के जिस तरह से जन विकास सेना के संस्थापक तथा पूर्व पार्षद पप्पू देशमुख को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन में बैठाया गया उसके निषेध में पप्पू देशमुख ने पुलिस स्टेशन में ही एक प्रकार से उपोषण शुरू कर दिया है।
दुबले पतले पप्पू देशमुख को हिरासत में लेने के लिए रामनगर पुलिस थाने से एक इंस्पेक्टर के साथ 7–8 हट्टे कट्टे पुलिस वालों की टीम वरोरा नाका पर सुबह 11:00 बजे आई थी। तब पप्पू देशमुख रोज की तरह अपने दोस्तों के साथ बातें कर रहे थे और उनकी तरफ से कोई भी आंदोलन या अन्य किसी उपद्रव की तैयारी दिख नहीं रही थी।
यही बात उन्होंने आए हुए पुलिस अधिकारियों को तथा फोन पर रामनगर पुलिस थाना इंचार्ज को भी बताई और वादा किया कि उनकी ओर से या उनके कार्यकर्ताओं की ओर से मुख्यमंत्री के दौर में किसी भी तरह का खलल उत्पन्न नहीं किया जाएगा।
फिर भी पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें मिलने के लिए रामनगर पुलिस स्टेशन बुलाया गया और बाद में उन्हें वहीं पर बिठा लिया गया यानी की हिरासत में ले लिया गया।
इसके बाद रामनगर पुलिस अधिकारी की ओर से पप्पू देशमुख को चाय पानी के लिए पूछा गया मगर पप्पू देशमुख ने वहीं पर घोषणा कर दी जिस तरह से आप लोग मुझे हिरासत में ले रहे हैं और यह सरकार आम जनता की आवाज को पुलिस दबाव तंत्र के जरिए खत्म करने का प्रयास कर रही है इसके निषेध में आप जब तक मुझे पुलिस स्टेशन में रखेंगे तब तक मैं नाश्ता चाय या पानी तक नहीं पियूंगा।
इतना ही नहीं पप्पू देशमुख को उनके मित्रों द्वारा खाने-पीने के लिए कोई चीज की आवश्यकता होने का पूछने पर उन्होंने कहा कि मैं आज जब तक बाहर नहीं आऊंगा तब तक किसी के हाथ का कुछ भी नहीं खाऊंगा ना पानी पियूंगा।
इस तरह एक प्रकार से पप्पू देशमुख ने पुलिस स्टेशन के अंदर ही अघोषित उपोषण शुरू कर दिया है जो कि इस तरह की पुलिस कार्रवाई और सरकार की कार्यप्रणाली पर जोरदार तमाचा है।



